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Showing posts from September, 2020

मुझे क्या पता उसी के हाथों मेरा कत्ले आम होगा

 गमे जिंदगी का तमाशा सरेआम होगा आज फिर कोई इस महफ़िल में बदनाम होगा हमसफ़र समझ मै दिल लगा बैठा जिनसे मुझे क्या पता उसी के हाथों मेरा कत्ले आम होगा

उसका हर शाम बिस्तर बदलने का काम आज भी है

 उन बदनाम गलियों में मेरा नाम आज भी है। मेरे सर पे बेवफाई का इल्जाम आज भी है हम तो आशिक थे यारो दिल दे बैठे उसे, तब पता चला उसका हर शाम बिस्तर बदलने का काम आज भी है

पर मेरे जीने की चाहत सिर्फ तुम हो

  मेरे ख्वाबो की हकीकत सिर्फ तुम हो मेरा चैनों सकूँ दिल की रहत सिर्फ तुम हो सुना है धड़कनो के चलने से लोग जीते है पर मेरे जीने की चाहत सिर्फ तुम हो

दुनिया में दर्द की दवा तो मिल जाती है पर दरारे मिटा सके ऐसी कोई दवा नहीं

  दिल के रिस्ते में दर्द भरे शब्द बेशक बोलो पर दरार भरे शब्द गलती से भी नहीं बोलना   क्यूकि इतिहास गवाह है दुनिया में दर्द की दवा तो मिल जाती है पर दरारे मिटा सके ऐसी कोई दवा नहीं

जुदाई से दम तोड़ दे मेरा इश्क इतना बादनाशीबी नहीं

 जो नशीब मे था ओ  मेरा नशीब नहीं। मैं जिसका हबीब था आज ओ करीब नहीं। जुदाई का मिला सौगात इश्क में हम दोनों को। पर जुदाई से दम तोड़ दे मेरा इश्क इतना बादनाशीबी नहीं

डॉक्टर बन गया हूं मैं जब से तुमसे इश्क हुवा

 डॉक्टर बन गया हूं मैं जब से तुमसे इश्क हुवा अपनी जिंदगी का ठिकाना नहीं रहा पर  अपनी धड़कनो को आला समझ  तेरी खैरियत जनता रहता हूँ