Posts

Showing posts from October, 2020

लरजते होंठो से यूँ तेरा मुझे बुलाना

 अच्छा लगता है, यूँ सर्दियों के मौसम मे धूप का खिल जाना , तनहाई में छुपके से तेरी याद में खो जाना   मायूशियो में मुझे देख कर तेरा मुस्कराना  दुनिया छोड़ तेरे कंधे पे सर रख के सो जाना मुझे अच्छा लगता है। लरजते होंठो से यूँ तेरा मुझे बुलाना  पलक को तितलियों के पंख सा  उड़ाना इसारे करके मुझे फिर यूँ मुस्कराना अनकहे लब्जों से मुझे प्यार से बुलाना मुझे अच्छा लगता है। तेरा खिडकियों से झाँक कर जाना मुझे अच्छा लगता है।

इश्क की राह पे चल कर गुजर गए जो भी

इश्क की राह पे चल कर गुजर गए जो भी उन सभी आशिको के पांव में छाला होगा। जो किसी की यादो में डूब के खुश रहते है। उन्हें इश्क ने खुद अपनी आगोश में पला होगा

जा छोड़ दिया तेरी गलियों में आना जाना तेरी बात पर

 जा छोड़ दिया तेरी गलियों में आना जाना तेरी बात पर पर बेवफा नाम मत देना लौट कर आना पड़ेगा तुझे मेरे पास इश्क में वादा है मेरा पर आकर मुझे कोई इल्जाम मत देना

गर हाथ पे हाथ धरे बैठे तो अगली बहन तुम्हारी है।

 निर्भयता के गलियारे में जो घूम रहे बलात्कारी है। है सत्ता के दामाद यही प्रशाशन की रिस्तेदारी है। हे निर्ल्लज मानवजागो तुम,सोचो मत ओ बेचारी है। गर हाथ पे हाथ धरे बैठे,तो अगली बहन तुम्हारी है। ये जुल्मी और दरिंदो है,ये हब्सी खुले परिंदो है। ये आकाओ की बाते सुन के नशे में इतने अंधे है। लूट मार बलात्कार ये सब इनके पुस्तैनी धंधे है। अभी ना होश तुम्हे आया क्या मती तुम्हारी मारी है। गर हाथ पे हाथ धरे बैठे तो अगली बहन तुम्हारी है।  बैठो मत कुछ बोलो तुम, अपनी आँखें खोलो तुम।  लुटी आबरू  बहना की, खून की होली खेलो तुम बाज नहीं ओ आये तो गोली की बोली बोलो तुम। घर से नहीं निकलते क्यूँ हाथों में चूड़ी सजा ली है। गर हाथ पे हाथ धरे बैठे तो अगली बहन तुम्हारी है। हम न्याय, दिला नहीं पाए कहतें हो हम शर्मिंदा है। क्या लहू में तेरे पानी है, गर नहीं तो ओ,क्यूँ जिन्दा है। शासन प्रशासन की छोड़ो यहाँ मानवता ही अँधा है। कोई न्याय दिलाएगा नेता ये भ्रम क्यूँ तुमने पाली है गर हाथ पे हाथ धरे बैठे तो अगली बहन तुम्हारी है।  मंत्री का हो या नेता हो या पूंजीपती का बेटा हो बलात्कारी को फांसी दो चाह...

मौसम का रुख देख कर, दिल का बसेरा बदलना मेरी फितरत नहीं।

 मौसम का रुख देख कर, दिल का बसेरा बदलना मेरी फितरत नहीं। हम ओ आशिक हैं जो , पतझड़ में भी उसी टहनी पे घोसला रखते है,जहाँ हरे कभी हरे भरे पत्तो की छाया हुआ करता था

जिंदगी में कुछ चीजें बिना देर किये हासिल कर लेनी चाहिये

 जिंदगी में कुछ चीजें बिना देर किये हासिल कर लेनी चाहिये चाहे उसकी कीमत कुछ भी हो। सपनो की मंजिल,सपनो की रानी और जिसके जिंदगी के हम सपने है उनका प्यार माँ-बाप

पर मेरे हाथों में न इश्क की कोई रेखा है।

 हमने मौसम को ही अक्सर बदलते देखा है। कली को रोज ही गुलशन में खिलते देखा है। आखिरी आस थी तुमसे के इश्क हो शायद। पर मेरे हाथों में न इश्क की कोई रेखा है।

यूँ तो बुझाने की कोशिश मुझे हवाओ ने भी कम न की

 यूँ तो बुझाने की कोशिश मुझे हवाओ ने भी कम न की  पर हम भी चराग थे उम्मीद के उससे आक्सीजन लेकर और भी जलते रहे
 आज ना जाने क्यों बड़ा दिलकश नज़ारा है। लगता है आज उसने मुझे फिर से पुकारा है। सांसे थम थम के चलती थी उनके अहसास बिन लगता है अपने दिल  के आंगन में  उसने फिर  मुझे  उतारा है

एक उसकी बेवफाई ही है जो मुझे कभी समझ में न आयी

 आशिकी का कोई पन्ना नहीं जिसे मैंने पढ़ा ना हो एक उसकी बेवफाई ही है जो मुझे कभी समझ में न आयी

हौसला तो आसमान से भी ऊपर उठने का है मुझमे

 हौसला तो आसमान से भी ऊपर उठने का है मुझमे पर पर्बतों सा अकड़ रखने के शौक नहीं पालते हम