Posts

Showing posts from December, 2020

बुझे दिल मे फिर रौशनी जल उठी

  दिली दिल मे रौशन हुए जा रहे है। फकत देख ले मुड़ के फिर ओ दोबारा। बुझे दिल मे फिर रौशनी जल उठी तब। उसने मुस्का के जब प्यार का दीप बारा।

मेनहत से दुनिया झुका के देखा कर।

अपनी औकात से आगे तू ख्वाब देखा कर। नशीबा को ठोकर लगा के देख कर। कहते है किस्मत में लिखा सब को मिलता है तू अपनी मेनहत से दुनिया झुका के देखा कर।

मेरी बाहों में लिपट जाओगे।

 वक़्त की आगोश में यूँ सिमट जाओगे। मेरा दिल तोड़ कर यूँ मुस्कुराने वाले। जिस दिन दिल तुम्हारा टूटेगा कभी भी। सच में आके मेरी बाहों में लिपट जाओगे।

ये पावँ में पायल गर दिखाना नही तो बजाना किसके लिए

 ये पावँ में पायल गर दिखाना नही तो बजाना किसके लिए इतने शरीफ हो तो मेरी गली से ये हर रोज आना जाना किसके लिए कहते हो इश्क नही हम नफरत करते हो तुम हमसे  फिर ख्वाब में हर रोज आके मुझे जगाना किसके लिए