जुदाई से दम तोड़ दे मेरा इश्क इतना बादनाशीबी नहीं

 जो नशीब मे था ओ  मेरा नशीब नहीं।

मैं जिसका हबीब था आज ओ करीब नहीं।

जुदाई का मिला सौगात इश्क में हम दोनों को।

पर जुदाई से दम तोड़ दे मेरा इश्क इतना बादनाशीबी नहीं


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