बुझे दिल मे फिर रौशनी जल उठी

 

दिली दिल मे रौशन हुए जा रहे है।
फकत देख ले मुड़ के फिर ओ दोबारा।
बुझे दिल मे फिर रौशनी जल उठी तब।
उसने मुस्का के जब प्यार का दीप बारा।

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