मेनहत से दुनिया झुका के देखा कर।

अपनी औकात से आगे तू ख्वाब देखा कर।

नशीबा को ठोकर लगा के देख कर।

कहते है किस्मत में लिखा सब को मिलता है

तू अपनी मेनहत से दुनिया झुका के देखा कर।

Comments

Popular posts from this blog

मेरी फितरत नही मै इश्क को बदना