लरजते होंठो से यूँ तेरा मुझे बुलाना

 अच्छा लगता है, यूँ सर्दियों के मौसम मे धूप का खिल जाना

, तनहाई में छुपके से तेरी याद में खो जाना 

 मायूशियो में मुझे देख कर तेरा मुस्कराना

 दुनिया छोड़ तेरे कंधे पे सर रख के सो जाना

मुझे अच्छा लगता है।

लरजते होंठो से यूँ तेरा मुझे बुलाना 

पलक को तितलियों के पंख सा  उड़ाना

इसारे करके मुझे फिर यूँ मुस्कराना

अनकहे लब्जों से मुझे प्यार से बुलाना

मुझे अच्छा लगता है।


तेरा खिडकियों से झाँक कर जाना

मुझे अच्छा लगता है।


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