इश्क का जाम मैं पीने पिलाने निकला हूँ। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 15, 2021 रंजिसोगम के तराजू में न यूँ तौलो मुझे। कोई काफिर नही मैं हूँ यहाँ जमाने मे। इश्क का जाम मैं पीने पिलाने निकला हूँ। गर जुर्म है तो दबा दो मुझे शवखाने में। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
एक पल में इतनी नफरत July 05, 2020 एक पल में इतनी नफरत कैसे कर लेती हो तुम। हम तो जिसे अपना मान ले उसे गुस्सा भी उसी के ख्यालों में डूब के करते है। Read more
मेरी फितरत नही मै इश्क को बदना November 24, 2020 मेरे महबूब ने गम देके रुलाया है मुझे आज ये बात मैं लोगो मैं लोगों में सरे आम करू। जी चाहता है कि, महफ़िल में उसे करूँ रुस्वा पर मेरी फितरत नही के इश्क को बाजार में नीलाम करूँ। Read more
हौसला तो आसमान से भी ऊपर उठने का है मुझमे October 02, 2020 हौसला तो आसमान से भी ऊपर उठने का है मुझमे पर पर्बतों सा अकड़ रखने के शौक नहीं पालते हम Read more
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