मुझसे पहली बार इश्क की चाहत उनकी अधूरी रही।

 मुझसे पहली बार इश्क की चाहत उनकी अधूरी रही।

ओ जितना पास आना चाहे हर बार उतनी दूरी रही।

जमाने की ठोकरों ने उस मोड़ पर लाकर छोड़ा है मुझे

ओ बांहे फैलाये रहे मेरी किसी और संग रात बिताने की मजबूरी रही

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